दिसंबर 30, 2025
अध्याय 1 धुंध में खोया चेहरा (दोपहर का समय सपने में कक्षा का दृश्य कमरे में शांति और मन को विचलित कर देने वाला सन्नाटा पसरा है। कक्षा में सभी छात्र अपनी अपनी जगह पर गणित का पेपर देने बैठे हैं। अरुण गुमसुम सा बैठा है। उसके चेहरे पर घबराहट और तनाव झलक रहा है।) अरुण (अपने आप से, धीरे से): अब क्या होगा मैंने गणित के पेपर के लिए बिल्कुल भी तैयारी नहीं की मैं पेपर में क्या लिखूं। (उसकी आवाज में घबराहट है वह अपने आस पास इधर उधर देखता है लेकिन कोई भी छात्र उसकी मदद नहीं करता।) (थोड़े समय बाद सपना बदल जाता है सपने में अरुण की आँखें बंद हैं, और उसे एक अस्पष्ट और…
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